Announcements:
  • We are writing to bring to your attention that our “Just Dial” virtual number has been compromised. If you want the appointment please call at 0294-2500044

Media Coverage

’आंत में रुकावट का कोलेनोस्कोपी द्वारा सफल इलाज‘

’आंत में रुकावट का कोलेनोस्कोपी द्वारा सफल इलाज‘

२७ वर्शीय युवक के छोटी व बडी आंत के जंक्षन पर सिकुडे हुए रास्ते को दूरबीन द्वारा कोलेनोस्कोपी के माध्यम से बैलून लगा चौडा कर स्वस्थ किया। सामान्यतः आंत में सिकुडन का इलाज सर्जरी द्वारा किया जाता है। डॉ पंकज गुप्ता का कहना है कि अपने अब तक के चिकित्सकीय अनुभव एवं दक्षिणी राजस्थान का यह प्रथम सफल मामला है। 

रोगी कूपाराम चौधरी आंत की टीबी से ग्रस्त है। टीबी के इलाज के दौरान दवाइयों से आई आंत में रुकावट के चलते उसे सर्जरी कराने की सलाह दी गई। उसने डॉ पंकज गुप्ता से परामर्ष लिया। जहां डॉ गुप्ता ने कोलेनोस्कोपी द्वारा उपचार करने का निर्णय लिया। 

डॉ गुप्ता ने बताया कि कोलेनोस्कोपी एक ऐसी प्रक्रिया है जो एक परीक्षक खासकर गेस्ट्रोएंटरोलोजिस्ट को बडी आंत के अंदर मूल्यांकन करने में सक्षम बनाती है। इस प्रक्रिया की मदद से मल द्वार से होते हुए पूरी बडी आंत (लगभग ५ फीट लंबी) को पार कर जंक्षन तक पहुँच बैलून लगा रास्ते की सिकुडन को चौडा कर दिया। इस प्रक्रिया में केवल १५ मिनट का समय लगा। रोगी अब स्वस्थ है और निकट भविश्य में भी उसे सर्जरी की जरुरत नहीं पडेगी। 

डॉ गुप्ता ने यह भी बताया कि आंत की टीबी में सबसे आम जटिलता छोटी व बडी आंत के जंक्षन के रास्ते का सिकुडना होता है। कुछ रोगियों को पेट में पानी भरने की षिकायत होती है एवं कुछ रोगियों में छोटी आंत सिकुड जाती है और उसमें घाव हो जाते है। इन सभी परेषानियों का इलाज तुरंत कराना चाहिए अन्यथा आंत के फटने का डर रहता है जिससे मृत्यु की संभावना अत्यधिक बढ जाती है।

जिला पाली निवासी कूपाराम चौधरी (उम्र २७ वर्श) ने बताया कि वह आंत की टीबी से पीडत है तथा जिले के निजी चिकित्सालय में उसका उपचार चल रहा है। परंतु पिछले कुछ समय से पेट दर्द, उल्टी, पेट फूलना जैसी परेषानियां होने लगी जिसके चलते उसने एक सर्जन से परामर्ष लिया। सर्जरी की सलाह दिए जाने पर उसने गीतांजली हॉस्पिटल में गेस्ट्रोएंटरोलोजिस्ट डॉ पंकज गुप्ता से परामर्ष लिया। तत्पष्चात् डॉ गुप्ता द्वारा कोलेनोस्कोपी (दूरबीन द्वारा इलाज) की गई जिसके बाद अब वह स्वस्थ है और अपनी टीबी का इलाज ले रहा है।