गीतांजली मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल, उदयपुर को निदेशक, जनस्वास्थ्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, जयपुर द्वारा किडनी ट्रांसप्लान्ट की मान्यता प्रदान करने के साथ ही उदयपुर संभाग सहित सम्पूर्ण दक्षिणी राजस्थान एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी। लगभग 5-6 हजार किडनी रोगियों को प्रतिदिन डायलिसिस करवाना पड़ता है। इसके अतिरिक्त ट्रांसप्लान्ट के लिए अब अहमदाबाद, जयपुर या इंदौर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, उदयपुर के गीतांजली हाॅस्पिटल में हो सकेगें किडनी ट्रांसप्लान्ट। गीतांजली के सीईओ डाॅ. किशोर पुजारी ने अस्पताल में उपलब्ध किडनी ट्रांसप्लान्ट सम्बन्धित सुविधाओं के बारे में बताते हुए कहा कि रोगियों के उपचार हेतु किडनी ट्रांसप्लान्ट यूनिट में यूरोलोजिस्ट डाॅ. पंकज त्रिवेदी व डाॅ. विश्वास बाहेती, नेफ्रोलोजिस्ट डाॅ. जीके मुखिया व डाॅ. चेतन महाजन, निश्चेतना विशेषज्ञ डाॅ. जेतावत व डाॅ. अनिल बायवल इत्यादि चिकित्सकों का दल एवं नर्सिंग स्टाॅफ तैनात होंगे। इसके साथ ही मोड्यूलर आॅपरेशन थिएटर, 45 शय्याओं से युक्त गहन चिकित्सा ईकाई, दो आईसोलेशन रूम तथा सम्पूर्ण अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त डायलासिस वार्ड उपलब्ध है। नेफ्रोलोजिस्ट डाॅ. जीके मुखिया ने बताया कि किडनी फेल्योर रोगी जिन्हे निरंतर डायलासिस की आवश्यकता होती है, किडनी ट्रांसप्लान्ट बेहतर विकल्प है। वर्तमान में अत्याधुनिक पद्धति से ट्रांसप्लान्ट आॅपरेशन की सफलता दर 95 प्रतिशत से भी अधिक है। इसका कारण है कि वर्तमान में एन्टी रिजेक्शन थेरेपी अत्यधिक कारगर साबित हो रही है, जिससे किडनी ट्रांसप्लान्ट की रिस्क 5 प्रतिशत से भी कम है। इसके साथ ही, ट्रांसप्लान्ट के बाद रोगी समान्य जीवन यापन कर पाता है एवं उसका जीवन स्तर बेहतर हो जाता है। किडनी ट्रांसप्लान्ट के लिए गीतांजली हाॅस्पिटल के ट्रांसप्लान्ट कोर्डिनेटर से सम्पर्क कर पंजिकरण करवा सकते हैं।