उदयपुर। गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उदयपुर के पैथोलॉजी विभाग द्वारा उदयपुर सोसायटी ऑफ पैथोलॉजिस्ट्स के सहयोग से 14 व 15 फरवरी 2026 को दो दिवसीय “गीतांजली पैथटॉक 2026” जोनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ 14 फरवरी, शनिवार को प्रातः 08:15 बजे होगा।
कॉन्फ्रेंस की थीम “डायग्नोस्टिक पैथोलॉजी में उभरते रुझान: क्या नया है, क्या प्रासंगिक है और आगे क्या” रखी गई है। इस सम्मेलन में देश के प्रख्यात ऑन्कोपैथोलॉजिस्ट्स एवं विशेषज्ञ चिकित्सक भाग लेंगे तथा राजस्थान और गुजरात सहित विभिन्न राज्यों से पैथोलॉजिस्ट, शोधकर्ता और मेडिकल विद्यार्थी इसमें शामिल होंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीतांजली ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल होंगे। सम्मेलन में डॉ. सुमित गुजराल (टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई) खून व लिम्फाइड अंग के कैंसर, डॉ. तृप्ति पाय फेफड़ों व स्तन कैंसर, डॉ. सुभाष यादव पेट व जननांगों के कैंसर व डॉ आयुषी सहाय मस्तिष्क के बारे में बतायेंगी|
सम्मेलन के दौरान 8 वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न विषयों पर शोध पत्र एवं पोस्टर प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही उभरते पैथोलॉजिस्ट्स के लिए लाइव स्लाइड टीचिंग की विशेष व्यवस्था भी की गई है तथा उत्कृष्ट शोध कार्यों को सम्मानित करने हेतु रिसर्च अवॉर्ड प्रदान किए जाएंगे।
आयोजकों के अनुसार यह सम्मेलन पैथोलॉजी क्षेत्र में ज्ञानवर्धन, नवीन शोध और आपसी अनुभवों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।
उदयपुर। गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पैथोलॉजी विभाग द्वारा उदयपुर सोसायटी ऑफ पैथोलॉजिस्ट्स के सहयोग से 14 व 15 फरवरी को दो दिवसीय “गीतांजली पैथटॉक 2026” जोनल कॉन्फ्रेंस का सफल आयोजन किया गया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “डायग्नोस्टिक पैथोलॉजी में उभरते रुझान: क्या नया है, क्या प्रासंगिक है और आगे क्या” रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीतांजली ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंकित अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि पैथटॉक 2026 संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध और निरंतर व्यावसायिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, डिजिटल पैथोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रिसिजन मेडिसिन के समावेश से पैथोलॉजी की भूमिका रोगी देखभाल में और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। सम्मेलन के दौरान हुए विचार-विमर्श स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करेंगे।
सम्मेलन में देश के प्रख्यात विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। Tata Memorial Hospital के सीनियर प्रोफेसर डॉ. सुमित गुजराल ने रक्त एवं लिम्फॉयड अंगों के कैंसर पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। डॉ. तृप्ति पाटा ने फेफड़ों एवं स्तन कैंसर, डॉ. सुभाष यादव ने पेट एवं जननांगों के कैंसर तथा डॉ. आयुषी सहाय ने मस्तिष्क संबंधी कैंसर पर नवीन शोध एवं उपचार पद्धतियों पर प्रकाश डाला।
दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान 8 वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न विषयों पर शोध पत्र एवं पोस्टर प्रस्तुतियां हुईं। उभरते पैथोलॉजिस्ट्स के लिए लाइव स्लाइड टीचिंग सत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। उत्कृष्ट शोध कार्यों के लिए प्रतिभागियों को रिसर्च अवॉर्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
आयोजकों के अनुसार “गीतांजली पैथटॉक 2026” पैथोलॉजी के क्षेत्र में ज्ञानवर्धन, नवीन शोध एवं अनुभवों के आदान-प्रदान का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुआ तथा प्रतिभागियों के लिए यह सम्मेलन एक समृद्ध शैक्षणिक अनुभव रहा।