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मशहूर लेखक यतीन्द्र मिश्रा उदयपुर में

मशहूर लेखक यतीन्द्र मिश्रा उदयपुर में

Yatindra Mishra at Udaipur
कोलकाता का प्रभा खेतान फाउण्डेशन एक गैर सरकारी संगठन है जो भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार एवं समाजिक कल्याण का कार्य करता है। इस संगठन द्वारा शिक्षा के स्तर, भारतीय कला एवं संस्कृति, साहित्य, महिलाओं को जीवनयापन हेतु सशक्त बनाना, वैश्विक मानवीय एवं पर्यावरण मुद्दों पर जागरूकता फैलाई है।
प्रभा खेतान फाउण्डेशन ने भारत के विभिन्न शहरों में विषयाधारित कार्यक्रमों का सूत्रपात कर लेखकों, साहित्यकारों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को मंच प्रदान किया। इस मुक्त संवादात्मक सत्र के माध्यम से लेखको ने अपने विचारों को प्रबुद्ध जनता के समक्ष प्रस्तुत किया।
‘‘कलम’’ इसी श्रृंखला का एक हिस्सा है, जो प्रतिष्ठित लेखकों से उदयपुर की जनता को रूबरू होने के लिए मंच प्रदान करता है। इस श्रंखला को अधिक से अधिक जनता तक पहुंचाने के लिए प्रभा खेतान फाउण्डेशन ने सुत्रधार बनकर इसका शुभारम्भ झीलों की नगरी उदयपुर से किया। यह श्रृंखला कल्चरल रेंडेजवज उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होती है जो प्रमुख व्यक्तियों की एक नवगठित संगठन है जिसमें स्वाति अग्रवाल, शुभ सिंघवी, मुमल भंडारी, रिद्धिमा दोषी, श्रद्धा मुर्डिया और कनिका अग्रवाल, रैडिसन ब्लू रिर्सोट एवं स्पा (स्थल भागीदार के रुप में ) साथ काम करते है।

Yatindra Mishra With Members of Prabha Khetan Foundation, Udaipur
जनवरी 2017 में इस श्रंखला के दूसरे मुख्य अतिथि अयोघ्या के यतिन्द्र मिश्रा हैं जो कवि, संपादक एवं संगीत व सिनेमा के अनुकरणकर्ता है। इनके द्वारा संकलित चार प्रमुख पुस्तके जिनमें यद-कद, अयोध्या तथा अन्य कविताएं, द्योरी पर आलाप और विभास सम्मलित है। इसके साथ ही इन्होंने ठुमरी की मशहूर गायिका गिरिजा देवी, बेलेट डांसर सोनल मानसिंह और शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के जीवन एवं कृत पर पुस्तक की रचना की। गिरिजा पर लिखित पुस्तक का अनुवाद, अयोध्या श्रृंखला की कविताएं, विभास, यार जुलाहे  और मीलोंसे दिन नेे काफी शोहरत कमाई।
इन्होंने 12 वीं सदी की प्रसिद्ध कवियत्री अक्का महादेवी के काव्य भैरवी का अनुवाद भी किया। हालहि में इनकी पुस्तक ‘‘सौ साल हिन्दी सिनेमा के’’ प्रकाशित हुई है जो सिनेमा के संगीत सफर का प्रमाणित विश्लेषण प्रस्तुत करती है। श्री मिश्रा अब तक रजा़ सम्मान, भारतभूषण अग्रवाल स्मृति पुस्कार, भारतीय भाषा परिषद् युवा पुरस्कार और परम्परा रितुराज सम्मान से नवाजे जा चुके हैं एवं वर्तमान में पार्श्व गायक लता मंगेश्कर के जीवन एवं उनके संगीत सफर पर पुस्तक की रचना कर रहे हैं।
कल्चर रेंडेजवज की कनिका अग्रवाल ने बाताया कि भविष्य में वे कलम श्रृंखला के संयुक्त तत्वावधान में और भी साहित्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को उदयपुर शहर में आयोजित करेंगी। उन्होंने बताया कि जयपुर में प्रभा खेतान द्वारा आयोजित कार्यक्रम से प्रेरणा लेकर उदयपुर में कल्चर रेंडेजवेज की स्थापना की ताकि वे उदयपुर में अन्य लोगों को प्रेरित कर सके।